मुजफ्फरनगर। जिले में नए पेराई सत्र को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। गन्ने की फसल तैयार होने के साथ ही चीनी मिलों ने संचालन की रूपरेखा बनानी शुरू कर दी है। जिले की आठ चीनी मिलों में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के शुरुआती दिनों तक पेराई शुरू करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इससे गन्ना किसानों को अपनी फसल की कटाई और आपूर्ति की योजना बनाने में मदद मिलेगी।प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, मंसूरपुर और बुढ़ाना की चीनी मिलों में 24 से 26 अक्टूबर के बीच पेराई शुरू होने की संभावना है। इसके बाद खैखेड़ी और टिकौला की मिलों में 27 से 29 अक्टूबर के बीच कामकाज शुरू करने की तैयारी है। रोहाना कलां, मोरना और तितावी की चीनी मिलों में 29 से 31 अक्टूबर के बीच पेराई शुरू हो सकती है। वहीं, खतौली की त्रिवेणी चीनी मिल में एक से दो नवंबर के बीच गन्ने की पेराई शुरू करने का कार्यक्रम है।पेराई सत्र शुरू होने से किसानों को खेतों में तैयार गन्ने की आपूर्ति करने का अवसर मिलेगा। साथ ही गन्ने की कटाई और ढुलाई से जुड़े कामों में भी तेजी आने की उम्मीद है। समय पर पेराई शुरू होने से किसानों को खेत खाली कर अगली फसल की बुवाई की तैयारी करने में सहूलियत मिलेगी।चीनी मिलों के संचालन को देखते हुए किसानों की निगाहें अब गन्ना आपूर्ति पर्चियों और तौल व्यवस्था पर टिकी हैं। किसानों के लिए जरूरी है कि वे गन्ना समिति की ओर से जारी होने वाली सूचनाओं के अनुसार ही मिलों में गन्ना लेकर पहुंचें।जिले में गन्ना खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। ऐसे में नए पेराई सत्र की शुरुआत का इंतजार किसानों के साथ गन्ने की ढुलाई और इससे जुड़े कारोबार करने वाले लोगों को भी है। हालांकि, मिलों में पेराई शुरू होने की वास्तविक तारीख संबंधित मिल प्रबंधन के अंतिम निर्णय के अनुसार बदल सकती है।