बिजनौर। चांदपुर-गजरौला रोड स्थित जगमीत मेमोरियल हॉस्पिटल को लेकर एक मरीज के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में पेट की आंत का ऑपरेशन कराने के बाद 21 वर्षीय सचिन कुमार की हालत बिगड़ गई। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद घाव में लीकेज की समस्या सामने आई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन अब युवक को दोबारा भर्ती करने से इनकार कर रहा है।परिजनों के अनुसार, सचिन कुमार इंटरमीडिएट का छात्र है और उसके पेट की बीमारी के चलते आंत का ऑपरेशन कराया गया था। ऑपरेशन के बाद परेशानी बढ़ने पर परिवार ने अस्पताल से दोबारा इलाज की मांग की, लेकिन कथित तौर पर उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया गया। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई है।परिजनों ने अस्पताल में सर्जन की नियमित उपलब्धता और पंजीकरण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, पैथोलॉजी लैब और ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाएं संचालित की जा रही हैं, जबकि वहां आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहते। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप करने और अस्पताल की जांच कराकर दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए और सचिन को उचित उपचार उपलब्ध कराया जाना चाहिए।