गाजियाबाद। महानगर में प्रॉपर्टी कारोबारी को कुख्यात गैंग के नाम पर धमकाकर करोड़ों रुपये वसूलने की साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। इंदिरापुरम क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। आरोपियों ने कारोबारी को जान से मारने की धमकी देते हुए 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वॉट टीम और थाना इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में वेव सिटी इलाके से आरोपियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान रविंद्र उर्फ रोबिन, सविता उर्फ सवी चौधरी और तुषार बैसौया के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
जांच में सामने आया कि साजिश की मुख्य कड़ी सविता चौधरी थी, जो पहले पीड़ित प्रॉपर्टी कारोबारी अर्पित गुप्ता के कार्यालय में कार्यरत थी। नौकरी से हटाए जाने के बाद उसने व्यक्तिगत रंजिश के चलते बदला लेने की योजना बनाई। इस योजना में उसने अपने परिचित रविंद्र को शामिल किया, जो खुद प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा है, जबकि तुषार बैसौया को भी गिरोह में शामिल कर लिया गया।
आरोपियों ने खुद को कुख्यात गैंग का सदस्य बताते हुए पीड़ित को डराने के लिए फर्जी पहचान का सहारा लिया। उन्होंने नकली दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड और मोबाइल फोन हासिल किए और अलग-अलग स्थानों से व्हाट्सएप कॉल व संदेश भेजकर धमकी दी, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।
पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर गिरोह का पर्दाफाश किया। अधिकारियों के मुताबिक, यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों का किसी वास्तविक आपराधिक गिरोह से कोई संबंध है या नहीं।
फिलहाल तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों और इस तरह की वारदातों से जुड़े नेटवर्क की भी जांच में जुटी है।
