शामली। जनपद के बाबरी थाना क्षेत्र में हुए चर्चित छात्र हत्याकांड के बाद अब माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। जहां एक ओर मृतक के परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस द्वारा जाम लगाने के मामले में पीड़ित पक्ष सहित ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज किए जाने से विवाद और गहरा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाबरी क्षेत्र के गांव तलवा माजरा निवासी 22 वर्षीय छात्र अभि की बीते 25 मार्च को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह गोहरपुर मेले से अपने साथियों के साथ वापस लौट रहा था। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अगले दिन पानीपत-खटीमा हाईवे पर शव रखकर लंबा जाम लगा दिया था और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की थी।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद किसी तरह जाम खुलवाया गया था। लेकिन अब इसी मामले में बाबरी थाना पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए जाम लगाने और शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में 13 नामजद व्यक्तियों सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि एक ओर उनका बेटा हत्या का शिकार हुआ और दूसरी ओर न्याय मांगने पर उन्हीं को आरोपी बना दिया गया, जो सरासर अन्याय है।
इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को क्षेत्र की विभिन्न खाप पंचायतों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामली कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान गठवाला खाप के चौधरी बाबा राजेंद्र मलिक ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को ही निशाना बनाना प्रशासन की गलत कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
खाप नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा युवाओं पर कठोर धाराएं लगाई जा रही हैं और यहां तक कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की भी तैयारी की जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे तत्काल निरस्त किए जाएं और छात्र हत्याकांड के वास्तविक आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
