मुजफ्फरनगर। जनपद में एक महिला सफाईकर्मी के साथ दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। पीड़िता ने अपने ही विभाग के सुपरवाइजर दीपक पर आरोप लगाया है कि उसने कागजात जमा कराने के बहाने उसे बुलाकर सुनसान मकान में जबरन दुष्कर्म करने की कोशिश की।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने उसे फोन कर आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज लेकर एक निर्धारित स्थान पर बुलाया। जब वह बताए गए स्थान पर पहुंची तो उसे एक बंद पड़े मकान में भेज दिया गया, जहां आरोपी पहले से मौजूद था। महिला का आरोप है कि आरोपी नशे की हालत में था और अंदर पहुंचते ही उसने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की।
महिला ने साहस दिखाते हुए आरोपी के चंगुल से खुद को छुड़ाया और मौके से भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद से पीड़िता दहशत और मानसिक आघात में है।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी ने उसकी बेटी को नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 70 हजार रुपये लिए, लेकिन न तो नौकरी दिलाई और न ही पैसे लौटाए। विरोध करने पर आरोपी द्वारा नौकरी से हटवाने और जान से मारने की धमकी दी गई।
मामले में पीड़िता ने स्थानीय थाने में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई न होने पर वह अपने दिव्यांग पति के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और न्याय की गुहार लगाई।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बाद आरोपी ने उसका कार्यस्थल बदलवाकर उस पर दबाव बनाने की कोशिश की।
वहीं, आरोपी सुपरवाइजर दीपक ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ड्यूटी परिवर्तन को लेकर उस पर झूठा आरोप लगाया गया है।
