मुजफ्फरनगर। सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, केशवपुरी में भगवान परशुराम जयंती का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और पराक्रम पर आधारित प्रभावशाली भाषण एवं आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों ने अधर्म के विरुद्ध संघर्ष और धर्म की स्थापना के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है, जिन्होंने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को धर्म के मार्ग पर अग्रसर किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में भक्ति गीतों, नारों और धार्मिक वातावरण ने सभी को भाव-विभोर कर दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविंद गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम का जीवन साहस, सत्य और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके आदर्शों को अपनाकर जीवन में नैतिक मूल्यों का पालन करने का आह्वान किया।
विद्यालय परिवार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा, जिसमें विद्यालय पूर्णतः सफल रहा।
