हरिद्वार/सहारनपुर। धर्मनगरी हरिद्वार के नमामि गंगे घाट पर आयोजित एक वैदिक धार्मिक अनुष्ठान उस समय सुर्खियों में आ गया, जब सहारनपुर निवासी एक मुस्लिम परिवार ने सनातन धर्म स्वीकार करते हुए अपनी नई पहचान सार्वजनिक की। संतों और आचार्यों की उपस्थिति में संपन्न इस अनुष्ठान में परिवार के पांचों सदस्यों ने विधि-विधान के साथ धर्म दीक्षा ग्रहण की।
अनुष्ठान की शुरुआत गंगा स्नान से हुई, जिसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन कराया गया। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप परिवार के पुरुष सदस्य को यज्ञोपवीत धारण कराया गया और सभी ने पूजा-अर्चना में भाग लिया। संतों के अनुसार, यह परिवार पिछले कुछ समय से उनके संपर्क में था और धीरे-धीरे सनातन परंपराओं की ओर आकर्षित हुआ।
धर्म परिवर्तन के साथ परिवार ने अपने नामों में भी बदलाव किया। परिवार के मुखिया मोहम्मद शहजाद अब ‘शंकर’ के नाम से पहचाने जाएंगे, जबकि उनकी पत्नी रजिया ने ‘सावित्री’ नाम अपनाया है। उनके बेटे का नाम ‘रुद्र’ रखा गया है, जबकि दोनों बेटियों को ‘रुक्मिणी’ और ‘दिशा’ नाम दिया गया है। यह नामकरण प्रक्रिया अनुष्ठान के दौरान विधिवत संपन्न कराई गई।
मीडिया से बातचीत में शंकर ने बताया कि यह निर्णय उन्होंने पूरी तरह स्वेच्छा से लिया है और लंबे समय से उनकी आस्था सनातन धर्म की परंपराओं की ओर बढ़ रही थी। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद कुछ सामाजिक विरोध की आशंका जरूर है, लेकिन वे अपने निर्णय पर कायम हैं और इसे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का माध्यम मानते हैं।
गौरतलब है कि हरिद्वार के नमामि गंगे और हर की पौड़ी क्षेत्र में हाल के महीनों में इस तरह के धार्मिक अनुष्ठानों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। संतों का कहना है कि लोग अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की ओर लौटने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

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