मेरठ। शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट इलाके में संभावित प्रशासनिक कार्रवाई की आशंका ने स्थानीय निवासियों और व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। हालिया न्यायिक निर्णय के बाद क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की चर्चा तेज हो गई है, जिससे हजारों परिवारों के सामने घर और रोजगार दोनों बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
बुधवार को इसी चिंता को लेकर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद की और प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए कमिश्नरी पार्क से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च किया। इस दौरान लोगों ने साफ कहा कि यदि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कार्रवाई की गई तो कई परिवार एक झटके में बेघर हो जाएंगे और छोटे कारोबार पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक प्रतिनिधियों ने कहा कि यह सिर्फ अवैध निर्माण या कानूनी प्रक्रिया का विषय नहीं है, बल्कि यह हजारों लोगों के जीवन, उनकी जमा-पूंजी और रोजी-रोटी से जुड़ा हुआ मामला है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसी भी सख्त कदम से पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास, मुआवजे और वैकल्पिक व्यवस्था पर ठोस योजना बनाई जाए।
प्रदर्शन के दौरान सौंपे गए ज्ञापन में राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग करते हुए अपील की गई कि मानवीय आधार पर इस पूरे प्रकरण की समीक्षा कर राहत प्रदान की जाए। लोगों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन के बाद इलाके का माहौल संवेदनशील बना हुआ है। अब सभी की नजर प्रशासनिक फैसले पर टिकी है, जिससे तय होगा कि विकास और मानवीय हितों के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जाता है।
