नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी जनगणना 2027 को लेकर देशवासियों से सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए इसे राष्ट्रीय जिम्मेदारी करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की सटीक तस्वीर तैयार करने का सबसे बड़ा अभियान है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
रविवार को प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार की जनगणना पारंपरिक तरीके से हटकर पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी। घर-घर पहुंचने वाले गणना कर्मियों के पास मोबाइल ऐप होगा, जिसके जरिए वे मौके पर ही जानकारी दर्ज करेंगे। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि पहली बार नागरिकों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी दिया गया है। निर्धारित समय से पहले लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी जानकारी भर सकेंगे, जिससे उन्हें सुविधा के साथ-साथ समय की भी बचत होगी।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना पूरी करने वाले लोगों को एक विशेष पहचान संख्या (यूनिक आईडी) प्रदान की जाएगी। जब गणना कर्मचारी घर पहुंचेगा, तो इसी आईडी के माध्यम से जानकारी का सत्यापन किया जाएगा और दोबारा विवरण देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
उन्होंने बताया कि जिन राज्यों में यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, वहां मकानों के सूचीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब तक करोड़ों परिवारों का डेटा एकत्र किया जा चुका है।
डेटा सुरक्षा को लेकर उठने वाली आशंकाओं पर प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जनगणना से जुड़ी सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी और आधुनिक डिजिटल सुरक्षा प्रणालियों के माध्यम से सुरक्षित रहेंगी।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और देश के विकास की आधारशिला माने जाने वाले इस कार्य को सफल बनाने में सहयोग करें।

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