नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल के आसनसोल में एक कांग्रेस कार्यकर्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने घटना को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर तीखा सवाल उठाते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा की यह घटना बेहद चिंताजनक है और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने और दबाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरे का संकेत हैं।
कांग्रेस नेता ने मृतक कार्यकर्ता के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी अहिंसा और संविधान में विश्वास रखती है और किसी भी परिस्थिति में हिंसा की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा और उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
उधर, कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने दावा किया है कि मृतक कार्यकर्ता पर चुनाव के बाद हमला किया गया था, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। पार्टी का कहना है कि वह क्षेत्र में सक्रिय रूप से चुनावी गतिविधियों में शामिल था, जिसके कारण उसे निशाना बनाया गया।
कांग्रेस ने इस घटना को राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का उदाहरण बताते हुए कहा कि मतदान के बाद इस प्रकार की हिंसा लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि विपक्षी आवाजों को दबाने के लिए सुनियोजित तरीके से दबाव बनाया जा रहा है।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मामला अब राज्य में चुनावी हिंसा और राजनीतिक सहिष्णुता के मुद्दे को लेकर एक बड़ी बहस का रूप लेता जा रहा है।
