मेरठ। शहर के लालकुर्ती थाना क्षेत्र में वर्षों पुरानी बैंक धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब 49 लाख रुपये के लोन घोटाले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी योगेंद्र शर्मा को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी पिछले पांच वर्षों से लगातार अपना ठिकाना और पहचान बदलकर रह रहा था, जिससे वह गिरफ्तारी से बचता रहा।पूछताछ और जांच में सामने आया कि वर्ष 2017 में एक सुनियोजित साजिश के तहत बैंक से मोटी रकम का लोन हासिल किया गया था। आरोपियों ने एक प्रॉपर्टी को अपने नाम का बताकर कागजी प्रक्रिया पूरी कराई और बैंक अधिकारियों को भ्रमित करते हुए ऋण स्वीकृत करा लिया। बाद में यह तथ्य सामने आया कि जिस संपत्ति के आधार पर लोन लिया गया, वह पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेची जा चुकी थी और वहां दूसरा परिवार रह रहा था।मामले का खुलासा तब हुआ जब लोन की किस्तें जमा नहीं हुईं और खाता एनपीए में चला गया। बैंक की ओर से वसूली की कार्रवाई शुरू होते ही पूरे खेल की परतें खुलती चली गईं। जांच में कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई, जिसके बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।इस प्रकरण में आरोपी की पत्नी संध्या शर्मा को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य आरोपी अदालत से अग्रिम जमानत लेकर बाहर हैं। पुलिस लगातार मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी थी और अंततः उसे पकड़ने में सफलता मिली। सोमवार को गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Join WhatsApp Group