मुजफ्फरनगर, 5 मई 2026। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच जनपद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। निवेश और क्रिप्टो ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर देशभर के लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में इस गिरोह द्वारा 14 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी सामने आई है, जिससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ ने बताया कि गृह मंत्रालय के “प्रतिबिम्ब” पोर्टल पर एक संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना सक्रिय हुआ। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपियों ने Axis Bank में एक फर्जी कंपनी के नाम से करंट खाता खुलवाकर ठगी का जाल बिछाया था। इसी खाते में देशभर से पीड़ितों की रकम ट्रांसफर कराई जाती थी।जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि मात्र सात दिनों के भीतर इस खाते में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। आगे की पड़ताल में अलग-अलग राज्यों से जुड़ी 46 शिकायतें इस खाते से संबंधित पाई गईं, जिनमें कुल 14 करोड़ 8 लाख 74 हजार रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क कर निवेश और क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देते थे और विश्वास में लेकर उनसे पैसे ट्रांसफर करा लेते थे।गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अभिनव चौहान और सक्षम गुप्ता के रूप में हुई है, जो एक संगठित साइबर नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे। पूछताछ में सामने आया है कि उन्हें ठगी गई रकम पर कमीशन दिया जाता था। पुलिस ने उनके कब्जे से मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।पुलिस का कहना है कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था और देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को निशाना बना रहा था। मामले की जांच अभी जारी है और संभावना है कि आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान निवेश योजना, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या क्रिप्टो ऑफर पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें। लालच में आकर की गई छोटी सी चूक भारी नुकसान का कारण बन सकती है।

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