मुजफ्फरनगर, 5 मई 2026। प्रदेश के शिक्षामित्रों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बढ़े हुए मानदेय के भुगतान एवं सम्मान समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गोरखपुर स्थित बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह से किया गया, जिसका सीधा प्रसारण जनपद मुजफ्फरनगर के लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से देखा गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों ने सहभागिता की।स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने सरस्वती वंदना एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण रहा।कार्यक्रम में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की घोषणा को ऐतिहासिक बताते हुए वक्ताओं ने इसे शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया। साथ ही शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की भी घोषणा की गई।मुख्यमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण सुनते हुए उपस्थित लोगों ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार, ऑपरेशन कायाकल्प, डिजिटल सुविधाओं के विस्तार और ‘स्कूल चलो अभियान’ के महत्व पर प्रकाश डाला। अधिकारियों ने शिक्षामित्रों से अधिकाधिक नामांकन सुनिश्चित करने और ड्रॉपआउट दर को शून्य करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।इस अवसर पर जनपद के विभिन्न विकासखंडों से चयनित 10 शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये के प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में लगभग एक हजार शिक्षामित्रों की उपस्थिति रही। अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी अतिथियों, शिक्षामित्रों एवं मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की।