फर्रुखाबाद। जनपद में किसानों की जिंदगी और फसलों से खिलवाड़ करने वाले नकली कीटनाशक कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। कादरी गेट थाना क्षेत्र के पांचाल घाट इलाके में कृषि विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली कीटनाशक दवाएं बरामद की हैं। कार्रवाई के दौरान करीब 25 लाख रुपये कीमत का माल जब्त किया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।पूरा मामला तब सामने आया जब कन्नौज के एक कीटनाशक व्यापारी के नाम पर मशहूर कंपनी यूपीएल के उत्पाद का फर्जी बिल जारी किया गया। कंपनी अधिकारियों ने जब व्यापारी से संपर्क किया तो उसने किसी भी प्रकार का ऑर्डर देने से इनकार कर दिया। इसके बाद मामले में गड़बड़ी की आशंका होने पर शिकायत कृषि विभाग तक पहुंची। शिकायत मिलते ही विभाग सक्रिय हो गया और फर्रुखाबाद प्रशासन को सूचना दी गई।उपकृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्र के नेतृत्व में गठित टीम ने पांचाल घाट स्थित लालू मार्केट के पास एक मकान पर छापा मारा। जांच के दौरान परिसर में तिरपाल से ढंके सैकड़ों गत्ते मिले। कंपनी प्रतिनिधियों ने मौके पर जांच कर पुष्टि की कि बरामद की गई दवाएं पूरी तरह नकली हैं और असली ब्रांड के नाम पर बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी।अधिकारियों के अनुसार मौके से 252 गत्तों में पैक 2,520 लीटर नकली कीटनाशक बरामद किया गया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह माल दूसरे राज्य से मंगाया गया था और आसपास के जिलों में सप्लाई किया जाना था। छापेमारी के दौरान संबंधित किसान एजेंसी का संचालक मौके से फरार मिला, जिसके बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई है।कार्रवाई के बाद बरामद माल को सरकारी गोदाम में सुरक्षित रखवा दिया गया है। कृषि विभाग और पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है। अधिकारियों का कहना है कि नकली कीटनाशकों के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो सकती थीं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता था।उपकृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जा रही है। एजेंसी संचालक को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया है और जिलाधिकारी की अनुमति मिलने के बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जिले में नकली खाद और कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।