उत्तर प्रदेश सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन प्रणाली में बड़ा सुधार करते हुए इसे पूरी तरह सरल और सहज बना दिया है। नए प्रावधानों के अनुसार अब राज्य में 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नागरिकों को पेंशन प्राप्त करने के लिए अलग से आवेदन भरने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। सरकार ने ‘परिवार आईडी’ तंत्र को आधार बनाकर ऐसे सभी बुजुर्गों की सूची स्वतः तैयार करने का फैसला किया है, जिससे किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित न रहना पड़े।
प्रक्रिया के तहत, जिन नागरिकों की उम्र या तो 60 वर्ष हो चुकी है या अगले 90 दिनों में होने वाली है, उनकी जानकारी सिस्टम अपने आप चिन्हित करेगा। इसके बाद संबंधित विभाग डिजिटल माध्यमों जैसे कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप के जरिए उनकी सहमति प्राप्त करेगा। जो लोग डिजिटल माध्यम से संपर्क में नहीं आ पाते, उनके लिए ग्राम-पंचायत सहायकों या सीएससी केंद्रों को जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे सीधे जाकर सहमति सुनिश्चित करें।
सहमति मिलते ही लगभग 15 दिनों के भीतर पेंशन स्वीकृत कर दी जाएगी और राशि सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाएगी। हर किस्त की जानकारी SMS के माध्यम से दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से उन लाखों बुजुर्गों को राहत मिलेगी, जो जटिल प्रक्रियाओं के कारण योजना से बाहर रह जाते थे।


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