रामपुर। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से जुड़े हेट स्पीच मामले में अदालत से बड़ा झटका लगा है। रामपुर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने चुनावी सभा के दौरान प्रशासनिक अधिकारी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में उन्हें दोषी मानते हुए दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।मामला लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान आयोजित एक चुनावी रोड शो से जुड़ा है। उस समय आजम खान रामपुर संसदीय सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार थे। आरोप था कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने मंच से तत्कालीन जिलाधिकारी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया था और चुनाव आयोग ने भी इसे गंभीरता से लिया था।इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से भोट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। तभी से यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में विचाराधीन था। शनिवार को सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाया।सरकारी पक्ष की ओर से अदालत में कहा गया कि सार्वजनिक मंच से संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करना चुनाव आचार संहिता और प्रशासनिक मर्यादा दोनों का उल्लंघन है। अदालत ने उपलब्ध वीडियो साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आजम खान को दोषी करार दिया।फैसला सुनाए जाने के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। वहीं सपा समर्थकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भी गतिविधियां बढ़ी रहीं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जा सकती है।