मुजफ्फरनगर। खतौली तहसील प्रशासन ने भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे एक लेखपाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आय और जाति प्रमाण पत्र जल्दी बनवाने के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत और उससे जुड़ी कथित ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। मामले को गंभीर मानते हुए एसडीएम डॉ. ललित कुमार मिश्रा ने सख्त रुख अपनाया और विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए।जानकारी के अनुसार, दिनकरपुर क्षेत्र में तैनात लेखपाल अमित कुमार पर प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में रुपये मांगने का आरोप लगा था। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक कथित ऑडियो क्लिप में लेखपाल और एक ग्राम प्रधान के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर बातचीत सुनाई देने का दावा किया गया। ऑडियो में कथित तौर पर ऑनलाइन भुगतान के जरिए रकम भेजने की बात भी सामने आई, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया।वायरल ऑडियो प्रशासन तक पहुंचते ही तहसील स्तर पर हलचल मच गई। एसडीएम डॉ. ललित कुमार मिश्रा ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए इसे सरकारी सेवा आचरण नियमों के विपरीत माना। उन्होंने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए आरोपी लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।एसडीएम ने कहा कि शासन की मंशा साफ प्रशासन और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था स्थापित करने की है। ऐसे में किसी भी कर्मचारी द्वारा रिश्वतखोरी या पद के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।मामले की विस्तृत जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। प्रशासन अब वायरल ऑडियो की सत्यता और रिश्वत मांगने के आरोपों की गहराई से पड़ताल करेगा।इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।