मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल में कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और मरीजों के शोषण के आरोपों को लेकर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए। बाद में संगठन की ओर से मुख्यमंत्री और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई।भाकियू (तोमर) के पदाधिकारियों का आरोप है कि जिला अस्पताल में ऑपरेशन, अल्ट्रासाउंड, ब्लड जांच और भर्ती प्रक्रिया के नाम पर मरीजों से खुलेआम सुविधा शुल्क वसूला जा रहा है। संगठन का कहना है कि गरीब और असहाय मरीज इलाज के लिए मजबूर होकर पैसे देने को विवश हैं, जबकि जो लोग रकम नहीं दे पाते उन्हें घंटों इंतजार और उपेक्षा का सामना करना पड़ता है।किसान नेताओं ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था को भी बदहाल बताते हुए कहा कि महिला वार्ड सहित कई विभागों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। आरोप लगाया गया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदने और निजी पैथोलॉजी केंद्रों पर जांच कराने के लिए भेजा जाता है, जिससे कमीशनखोरी की आशंका बढ़ रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मुफ्त और पारदर्शी इलाज की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन यहां मरीजों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है।संगठन ने कुछ चिकित्सकों और कर्मचारियों के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि कई डॉक्टर समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते और निजी प्रैक्टिस को प्राथमिकता देते हैं। इससे आम मरीजों को पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं और सरकारी चिकित्सा व्यवस्था की छवि लगातार धूमिल हो रही है।प्रदेश प्रभारी अजय त्यागी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पांच दिनों के भीतर जिला अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो भारतीय किसान यूनियन (तोमर) अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि संगठन मरीजों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा