मुजफ्फरनगर(आकाश तायल)। खतौली नगर के बड़ा बाजार स्थित ठाकुरद्वारा परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। कथा व्यास नमन कृष्ण महाराज ने अजामिल चरित्र, गजेंद्र मोक्ष, नरसिंह अवतार, भगवान राम अवतार तथा भगवान श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।कथा के दौरान महाराज ने कहा कि भगवान सदैव अपने भक्तों और भक्ति की रक्षा करते हैं।

उन्होंने रामायण प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि वनगमन के समय भगवान राम का आगे चलना, माता सीता का मध्य में और लक्ष्मण का पीछे चलना गहरे आध्यात्मिक संदेश को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि माता सीता भक्ति का स्वरूप हैं, लक्ष्मण भक्त के प्रतीक हैं, जबकि भगवान राम स्वयं आगे रहकर हर संकट का सामना करने की प्रेरणा देते हैं।अजामिल प्रसंग का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने बताया कि अजामिल प्रारंभ में वेदों का ज्ञाता एवं सदाचारी ब्राह्मण था, लेकिन गलत संगति के कारण उसका जीवन पथभ्रष्ट हो गया। सांसारिक मोह में फंसकर उसने अनेक पापकर्म किए, किंतु जीवन के अंतिम क्षणों में पुत्र को पुकारते हुए “नारायण” नाम लेने मात्र से भगवान विष्णु के दूत वहां पहुंचे और उसे मोक्ष का मार्ग प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम का स्मरण मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।इसके पश्चात गजेंद्र मोक्ष, भगवान नरसिंह अवतार, भगवान राम अवतार और श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया गया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग के दौरान ठाकुरद्वारा परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भजनों की धुन पर नृत्य कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का उल्लासपूर्वक उत्सव मनाया।कथा में नगर के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. दिनेश चंद्र, डॉ. जयश्री द्विवेदी, डॉ. तनु शर्मा, डॉ. शिवम शर्मा, डॉ. एन.के. त्यागी, रजनीश, बबलू, बिल्लू, प्रवीण प्रधान, पूनम तायल एवं कुलदीप त्यागी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।