लखनऊ। प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बढ़ती बिजली मांग को लेकर राज्य सरकार ने ऊर्जा विभाग को हाई अलर्ट पर रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए और उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत सेवा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। इसी बीच स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने प्रीपेड व्यवस्था समाप्त कर दोबारा पोस्टपेड प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।राजधानी में आयोजित ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के इस दौर में बिजली व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फील्ड स्तर पर निगरानी मजबूत की जाए और ट्रांसफॉर्मर खराब होने, फीडर ठप होने या लाइन फाल्ट जैसी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिजली व्यवस्था सीधे किसानों, व्यापारियों, उद्योगों और आम जनता के दैनिक जीवन से जुड़ी हुई है, इसलिए हर स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और कई स्थानों पर रिकॉर्ड खपत दर्ज की गई है। इसे देखते हुए उत्पादन इकाइयों को अधिकतम क्षमता पर संचालित किया जा रहा है। सरकार ने ट्रांसमिशन नेटवर्क को और मजबूत करने तथा तकनीकी बाधाओं को कम करने के निर्देश भी दिए हैं।समीक्षा के दौरान स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। प्रदेश में अब तक करीब 89 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन उपभोक्ताओं की शिकायतों और व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को फिर से पोस्टपेड व्यवस्था में शामिल करने का निर्णय लिया है। जून 2026 से उपभोक्ताओं को हर माह निर्धारित तिथि पर बिल जारी किए जाएंगे। बिल की जानकारी एसएमएस, व्हाट्सएप और ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जाएगी।मुख्यमंत्री ने बिजली शिकायत निस्तारण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज होने के बाद उपभोक्ता को यह भी बताया जाए कि समस्या कब तक ठीक होगी। इसके लिए 1912 हेल्पलाइन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने और कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।सरकार की ओर से प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के इस मौसम में आम जनता को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और हर शिकायत का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।