मुजफ्फरनगर, 29 मई 26। नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 55 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।अभियोजन के अनुसार खतौली थाना क्षेत्र में दर्ज मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट-1 में चल रही थी। मामले में कयूम पुत्र हकीमुद्दीन के विरुद्ध नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म करने का आरोप था। विवेचना के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों तथा न्यायालय में प्रस्तुत गवाहों के बयानों के आधार पर आरोप सिद्ध पाए गए।पॉक्सो कोर्ट-1 की न्यायाधीश मंजुला भालोटिया ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 55 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार अरोरा एवं विक्रांत राठी ने प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रमाणित हुए।न्यायालय के फैसले को बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले जघन्य अपराधों के मामलों में सख्त न्यायिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।