खतौली (आकाश तायल)। किसानों के प्रथम संगठित आंदोलन के जनक एवं स्वतंत्रता सेनानी विजय सिंह पथिक तथा पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसान मसीहा भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर ग्राम शेखपुरा में किसान गोष्ठी का आयोजन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने दोनों महान विभूतियों के किसान हित में किए गए योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।ग्राम शेखपुरा स्थित मास्टर अमरेश गुर्जर के आवास पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी रविंदर सिंह ने कहा कि विजय सिंह पथिक मूल रूप से बुलंदशहर जनपद के गुठावली गांव के निवासी थे। उनका वास्तविक नाम भूप सिंह गुर्जर था, लेकिन अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों का विरोध करते हुए उन्होंने अपना नाम बदलकर विजय सिंह पथिक रख लिया। उन्होंने राजस्थान के ऐतिहासिक बिजोलिया किसान आंदोलन का नेतृत्व कर किसानों पर लगाए गए अनेक अन्यायपूर्ण करों को समाप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने किसानों से जातीय भेदभाव भुलाकर एकजुट होने और किसान विरोधी नीतियों का संगठित विरोध करने का आह्वान किया।जसवीर आर्य ने दोनों महान देशभक्तों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनके जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेकर समाज हित में कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष एवं भारतीय गुर्जर परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्येंद्र आर्य ने कहा कि बिजोलिया आंदोलन की सफलता से प्रभावित होकर महात्मा गांधी ने विजय सिंह पथिक को “राष्ट्रीय पथिक” की उपाधि दी थी। उन्होंने बताया कि पथिक का परिवार भी स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा रहा। उनके दादा इंदर सिंह गुर्जर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए थे, जबकि उनके पिता हमीर सिंह भी स्वतंत्रता सेनानी रहे। उन्होंने चौधरी चरण सिंह को किसानों का सच्चा हितैषी, महान अर्थशास्त्री और ग्रामीण भारत का सशक्त प्रतिनिधि बताया।तिसंग बावना मंच के किसान नेता चौधरी उधम सिंह ने कहा कि किसानों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा। प्रधानाचार्य मगनवीर सिंह ने समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर आकर संगठन की शक्ति को मजबूत करने का आह्वान किया।गोष्ठी में सर्वसम्मति से दो प्रस्ताव पारित किए गए। पहले प्रस्ताव में किसान आंदोलन के अग्रदूत विजय सिंह पथिक को भारत रत्न प्रदान करने की मांग की गई, जबकि दूसरे प्रस्ताव में लिव-इन रिलेशन संबंधी कानून को समाप्त करने का आह्वान किया गया।इस अवसर पर नीरज बालियान, लाला धर्म प्रधान, चौधरी ओमपाल सिंह, संजय तोमर, किसान नेता चौधरी धर्मेंद्र सिंह तोमर, नगर पालिका सदस्य दिमाग सिंह, किसान यूनियन नेता राजवीर सिंह, बृजेश प्रधान, राहुल राणा, महिपाल सिंह, मास्टर जयपाल सिंह, भाजपा नेता रमेश भाटी, महाराज सिंह, चौधरी भूलेराम, सोनू गुर्जर, लीलू गुर्जर, यशपाल सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी एवं कौमी एकता कमेटी के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने की, जबकि संचालन पटेल जागृति सेवा समिति के संरक्षक सत्येंद्र आर्य ने किया। कार्यक्रम से पूर्व अजेश आर्य द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन यज्ञ संपन्न कराया गया।