मुजफ्फरनगर, 29 मई26। जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या असहयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य के लिए नामित कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त किया जाए तथा ड्यूटी प्राप्त न करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध अभियोग दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न चार्ज अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि कई विभागों ने अब तक जनगणना कार्य हेतु नामित कर्मचारियों को कार्यमुक्त नहीं किया है। वहीं कुछ कर्मचारियों द्वारा जनगणना संबंधी दायित्व ग्रहण करने में भी रुचि नहीं दिखाई जा रही है, जिससे कार्य प्रभावित होने की आशंका है।इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि जनगणना-2027 भारत सरकार का अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जो देश की भावी विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और जनकल्याणकारी नीतियों के निर्धारण का आधार बनेगा। ऐसे में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि जनगणना कार्य के लिए चयनित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करें तथा यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्मिक निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दायित्वों का निर्वहन करें। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि आदेशों की अवहेलना करने अथवा कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।बैठक में जिलाधिकारी ने सभी तहसीलदारों एवं अधिशासी अधिकारियों (चार्ज अधिकारियों) को निर्देश दिए कि जिन कर्मचारियों ने अब तक अपनी जनगणना ड्यूटी प्राप्त नहीं की है, उनके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर सूचना उपलब्ध कराई जाए। साथ ही जनगणना कार्य नहीं करने वाले कर्मचारियों के वेतन आहरण पर रोक लगाने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यदि किसी विभागाध्यक्ष द्वारा ऐसे कर्मचारियों का वेतन जारी किया जाता है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।जिलाधिकारी ने जनपद के सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर जनगणना तैयारियों की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गणना कार्य पूरी तरह त्रुटिरहित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। किसी भी प्रकार की तथ्यात्मक गलती, अभिलेखीय विसंगति अथवा कवरेज में कमी को गंभीरता से लिया जाएगा।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनगणना-2027 को राष्ट्रीय दायित्व मानते हुए पूर्ण निष्ठा, समर्पण और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “सही गणना, सशक्त राष्ट्र” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी संबंधित विभागों और कर्मचारियों का सक्रिय सहयोग आवश्यक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Join WhatsApp Group