मुजफ्फरनगर। किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में मंगलवार को जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं जन जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। श्रीराम कॉलेज, मुजफ्फरनगर में आयोजित कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक, प्राकृतिक तथा जैविक खेती के विविध पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।कार्यक्रम का आयोजन कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी ने की, जबकि उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसमें जनपद के सभी विकास खंडों से प्रगतिशील किसानों और स्थानीय कृषकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।विशेषज्ञों ने खेती से जुड़ी नई तकनीकों, उन्नत बीजों, मृदा स्वास्थ्य, सिंचाई प्रबंधन तथा फसल सुरक्षा पर किसानों को जागरूक किया। गन्ना शोध केंद्र के वैज्ञानिकों ने गन्ने की उन्नत किस्मों, अधिक पैदावार और फसल रोगों की रोकथाम पर विस्तार से जानकारी दी। कृषि विशेषज्ञों ने मृदा की उर्वरक क्षमता बढ़ाने के लिए जैविक खाद, फसल चक्र और हरी खाद के उपयोग पर जोर दिया।कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए किसानों से रसायन मुक्त खेती अपनाने का आह्वान किया। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने पशुओं में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम, टीकाकरण और नस्ल सुधार को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।जिला कृषि अधिकारी ने खरीफ फसलों के बीज, मिनीकिट और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जल संरक्षण और सिंचाई संसाधनों के बेहतर उपयोग पर किसानों को मार्गदर्शन दिया।कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी ने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने की अपील की। उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारी साझा की।समापन अवसर पर किसानों, वैज्ञानिकों तथा छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने कृषि क्षेत्र में नवाचार और जागरूकता को ग्रामीण समृद्धि की मजबूत नींव बताया।