मुजफ्फरनगर। जनपद की एक महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि आरोपी अदालत में चल रहे मुकदमे में गवाही से पहले लगातार समझौते का दबाव बना रहा है और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहा है।पीड़िता के अनुसार आरोपी ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर स्वयं को हिंदू बताकर उससे संपर्क स्थापित किया और विवाह का आश्वासन देकर विश्वास में लिया। महिला का आरोप है कि हरिद्वार में विवाह के बाद उसे आरोपी की वास्तविक पहचान की जानकारी हुई। इसके बाद उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जाने लगा।महिला ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस संबंध में वर्ष 2022 में थाना खतौली में इमरान पुत्र अब्दुल रज्जाक निवासी खोखनी के विरुद्ध दुष्कर्म तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला वर्तमान में मुजफ्फरनगर की एफटीसी-द्वितीय अदालत में विचाराधीन है।पीड़िता का कहना है कि अदालत में बयान से पूर्व आरोपी लगातार उस पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा है। आरोप है कि आरोपी आपत्तिजनक वीडियो सार्वजनिक करने और तेजाब फेंकने जैसी धमकियां दे रहा है। महिला ने बताया कि इन धमकियों के कारण वह और उसकी बेटी भय के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं।महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पहले से विवाहित है और उसके आठ बच्चे हैं, लेकिन यह तथ्य उससे छिपाया गया। उसके अनुसार इस पूरे घटनाक्रम से उसे मानसिक और सामाजिक स्तर पर गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।पीड़िता ने बताया कि इससे पूर्व भी आरोपी की धमकियों की शिकायत पुलिस से की गई थी, जिस पर शांति भंग की आशंका में कार्रवाई हुई थी। अब दोबारा मिल रही धमकियों के बाद उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, नया मुकदमा दर्ज करने तथा स्वयं और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।