मुजफ्फरनगर। जिले के पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके रोजगार के साधनों को आधुनिक व मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र ने इच्छुक पात्र अभ्यर्थियों से 16 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।उपायुक्त उद्योग ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार जनपद मुजफ्फरनगर में बढ़ई, नाई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, राजमिस्त्री, हलवाई और धोबी व्यवसाय से जुड़े पारंपरिक कारीगरों के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना का उद्देश्य इन कारीगरों को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उनके आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करना तथा उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है।योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी तथा मुजफ्फरनगर का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। साथ ही उसकी आयु बालिग होनी चाहिए और वह संबंधित पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ा होना चाहिए। प्रशिक्षणार्थियों का चयन शासन द्वारा गठित चयन समिति के माध्यम से किया जाएगा।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस योजना में पात्रता का आधार केवल जाति नहीं है। यदि कोई व्यक्ति पारंपरिक कारीगर जाति से संबंधित नहीं है, लेकिन संबंधित व्यवसाय से जुड़ा हुआ है, तो वह भी आवेदन कर सकता है। ऐसे आवेदकों को ग्राम प्रधान, नगर पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अथवा नगर निगम के संबंधित वार्ड सदस्य द्वारा जारी व्यवसाय संबंधी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।इच्छुक अभ्यर्थी 16 जुलाई 2026 तक उद्योग विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, औद्योगिक संस्थान, मेरठ रोड स्थित कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस पर संपर्क किया जा सकता है।