मुजफ्फरनगर। सहारनपुर से मेरठ जाते समय शुक्रवार को नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रोहाना टोल प्लाजा पर कुछ देर के लिए रोके जाने को लेकर पुलिस और सांसद के बीच कहासुनी हो गई। घटना के दौरान सांसद स्वयं वाहन से उतरकर पुलिस अधिकारियों से बातचीत करने पहुंचे। मौके पर मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम के वीडियो भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए, जो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगे।मिली जानकारी के अनुसार सांसद चंद्रशेखर आजाद का काफिला दोपहर के समय रोहाना टोल प्लाजा पहुंचा था। आरोप है कि पुलिस ने सुरक्षा और जांच के दौरान काफिले की कुछ गाड़ियों को रोक दिया। इस पर सांसद ने अधिकारियों से गाड़ियां रोकने का कारण पूछा। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच कुछ समय तक तीखी नोकझोंक हुई और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वार्ता के दौरान इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह सांसद के सामने हाथ जोड़कर खड़े दिखाई दिए। वहीं सांसद लगातार यह जानने का प्रयास करते रहे कि उनके काफिले को किस आधार पर रोका गया। कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हो गई और काफिले को आगे जाने की अनुमति दे दी गई, जिसके बाद सांसद मेरठ के लिए रवाना हो गए।मेरठ रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह हाल ही में मेरठ में हुए घटनाक्रम के संबंध में पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों से भी मिलेंगे और यह जानने का प्रयास करेंगे कि संबंधित घटनाओं की परिस्थितियां क्या थीं तथा प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की गई।सांसद ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी अधिकारियों का आचरण संविधान और कानून के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि यदि कहीं प्रशासनिक स्तर पर कोई चूक हुई है तो उसकी निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए।