मुजफ्फरनगर, 14 जुलाई 26। जिला कृषि रक्षा अधिकारी राहुल तेवतिया ने जनपद के सभी पेस्टीसाइड विक्रेताओं को सोशल मीडिया पर कीटनाशकों का भ्रामक प्रचार-प्रसार नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यूट्यूब, व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य किसी भी डिजिटल माध्यम से अधोमानक अथवा भ्रामक जानकारी के साथ उत्पादों का प्रचार करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम, 1968 तथा नियमावली, 1971 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि शासन तथा गन्ना आयुक्त कार्यालय के निर्देशों के अनुपालन में यह आदेश जारी किया गया है। विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ पेस्टीसाइड निर्माता कंपनियां और विक्रेता सोशल मीडिया मंचों का उपयोग कर अपने उत्पादों का भ्रामक प्रचार कर रहे हैं, जिससे किसानों के भ्रमित होने की आशंका बनी रहती है।उन्होंने कहा कि गन्ना सहित विभिन्न फसलों में रोग और कीट नियंत्रण के लिए किसान बड़ी मात्रा में पेस्टीसाइड का उपयोग करते हैं। इनकी आपूर्ति गन्ना समितियों, कृषि विभाग के गोदामों, चीनी मिलों के केंद्रों, अधिकृत विक्रेताओं और खुले बाजार के माध्यम से होती है। ऐसे में अधोमानक उत्पादों का प्रचार और बिक्री किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ है।राहुल तेवतिया ने बताया कि विभागीय किसान गोष्ठियों और संवाद कार्यक्रमों में भी किसानों ने अधोमानक पेस्टीसाइड मिलने और अपेक्षित परिणाम न मिलने की शिकायतें की हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने भ्रामक प्रचार पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने जनपद के सभी पेस्टीसाइड विक्रेताओं से अपील की कि वे केवल अधिकृत एवं मानक उत्पादों का ही प्रचार करें तथा सोशल मीडिया के माध्यम से किसी भी प्रकार की भ्रामक या गलत जानकारी प्रसारित करने से बचें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई विक्रेता नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विक्रेता की होगी।