मुजफ्फरनगर। जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के तहत शनिवार को नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुरी और कृष्णापुरी में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में आशा कार्यकर्ताओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिलाओं को छोटे परिवार के महत्व, परिवार नियोजन के उपलब्ध साधनों तथा बढ़ती जनसंख्या के प्रभावों के प्रति जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी कार्यक्रमों का निरीक्षण कर लोगों से परिवार नियोजन अपनाने की अपील की।रामपुरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं ने प्रस्तुति के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा, संतुलित परिवार और जिम्मेदार अभिभावक बनने के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं कृष्णापुरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला आरोग्य समिति की सदस्यों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में परिवार नियोजन की विभिन्न सेवाओं और साधनों की जानकारी दी गई तथा पात्र दंपतियों से इनका लाभ उठाने का आग्रह किया गया।कार्यक्रम का निरीक्षण करने पहुंचीं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं परिवार कल्याण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा ने आशा कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनसंख्या स्थिरता के लक्ष्य को प्राप्त करने में समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। परिवार नियोजन अपनाने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ परिवार के स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति को भी बेहतर बनाया जा सकता है।डॉ. दिव्या वर्मा ने आशा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे घर-घर जाकर पात्र दंपतियों को परिवार नियोजन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएं और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता ही इस अभियान की सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।कार्यक्रम में पीएसआई इंडिया की भारती रावत और शोभित सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, आशा कार्यकर्ता, महिला आरोग्य समिति की सदस्याएं तथा क्षेत्र की अनेक महिलाएं मौजूद रहीं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दौरान जिले में विभिन्न स्थानों पर जागरूकता गतिविधियां लगातार आयोजित की जा रही हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक परिवार नियोजन का संदेश पहुंचाया जा सके।
