मुजफ्फरनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-3) की अदालत ने गोकशी के एक मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को दस-दस वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि इस प्रकार के अपराध सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।अभियोजन के अनुसार घटना 24 जनवरी 2021 की है। थाना तितावी क्षेत्र के गांव बुडीना खुर्द में पुलिस को सूचना मिली थी कि एक मकान में अवैध रूप से गोकशी की जा रही है। सूचना पर पुलिस ने तत्काल छापा मारकर कार्रवाई की। मौके से गोकशी से संबंधित मांस तथा अन्य सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने घटनास्थल से मुनसाद, अबूजर और आस मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया था।पुलिस ने बरामद मांस को नियमानुसार गड्ढा खोदकर दफना दिया और मामले की विवेचना पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपों को सिद्ध करने का प्रयास किया।सहायक शासकीय अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने न्यायालय को बताया कि अभियोजन की ओर से चार महत्वपूर्ण गवाह पेश किए गए। उनके बयान, वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।निर्णय में न्यायालय ने कहा कि ऐसे अपराध समाज में आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए समाज में कानून का सम्मान बनाए रखने और भविष्य में इस प्रकार के अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से कठोर दंड दिया जाना आवश्यक है।अदालत के आदेश के बाद दोषी मुनसाद, अबूजर और आस मोहम्मद, जो बुडीना कला क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं, को नियमानुसार जेल भेज दिया गया।