लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने से लेकर प्रदेश में नए एक्सप्रेसवे विकसित करने तक कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा, परिवहन, महिला कल्याण और आधारभूत ढांचे से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही विधानमंडल का मानसून सत्र तीन से छह अगस्त तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।प्रदेश की मेधावी छात्राओं के लिए सरकार रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना शुरू करेगी। योजना में सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी महाविद्यालयों में पढ़ने वाली शीर्ष पांच प्रतिशत छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। करीब 50 हजार छात्राओं तक योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। दिव्यांग छात्राओं के साथ शहीदों के आश्रित और निराश्रित परिवारों की छात्राओं को प्राथमिकता मिलेगी।मंत्रिमंडल ने प्रदेश में दो महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने की मंजूरी दी है। प्रयागराज को सोनभद्र से जोड़ने के लिए लगभग 333 किलोमीटर लंबा नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 26 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।इसके अलावा 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल संपर्क एक्सप्रेसवे को स्वीकृति मिली है। करीब 9,039 करोड़ रुपये की लागत वाली यह सड़क गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली क्षेत्र को जोड़ते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से संपर्क स्थापित करेगी। भूमि अधिग्रहण का खर्च भी परियोजना की लागत में शामिल रहेगा।आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क विकसित करने की दिशा में भी सरकार ने कदम बढ़ाया है। प्रस्तावित संपर्क एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए विकासकर्ता चयन की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में 1.18 किलोमीटर का वैकल्पिक मार्ग तैयार करने पर भी सहमति बनी है।शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित शोध को प्रोत्साहित करने के लिए शोध पीठ स्थापित की जाएंगी। पात्र विश्वविद्यालय को अधिकतम दो करोड़ और महाविद्यालय को एक करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। इसके लिए 50 वर्ष से अधिक पुराने और पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों की क्षमता वाले संस्थानों को पात्रता के दायरे में रखा गया है।वाराणसी में छात्राओं के लिए छात्रावास सुविधाओं का भी विस्तार होगा। बसंत महिला महाविद्यालय में 112 छात्राओं की क्षमता वाला छात्रावास करीब 2.48 करोड़ रुपये से बनाया जाएगा। वहीं 500 छात्राओं की क्षमता वाले मुख्यमंत्री श्रमजीवी छात्रावास के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है।सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए राज्य सड़क परिवहन निगम के बेड़े में 220 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। इनके लिए लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अग्निशमन विभाग को भी 44 पानी के टैंकर और पांच फोम टैंकर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।बैठक में विभिन्न विभागों की सेवा नियमावलियों में बदलाव, उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के संचालन के लिए 20 करोड़ रुपये के ब्याजमुक्त ऋण तथा कानपुर में उपनिबंधक कार्यालय के नए भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने सहित अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।