मुजफ्फरनगर। डाक विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर चार बेरोजगार युवकों से 6.30 लाख रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवकों को भर्ती प्रक्रिया वास्तविक दिखाने के लिए सरकारी वेबसाइट से मिलता-जुलता ऑनलाइन माध्यम तैयार किया गया और सत्यापन के नाम पर लगातार रकम वसूली गई। पीड़ित की शिकायत पर पुरकाजी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।गांव खाईखेड़ी निवासी मुनेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी जान-पहचान सेठपुरा निवासी कुलविंदर से थी। आरोप है कि वर्ष 2023 में कुलविंदर ने डाक विभाग में भर्ती होने की जानकारी देते हुए अधिकारियों से संपर्क होने का दावा किया और नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद मुनेश के अलावा नमन कुमार, दिशांत कुमार और शामली के हरड़ निवासी विशाल भी उसके संपर्क में आए।शिकायत के मुताबिक शुरुआत में युवकों से 80 हजार रुपये नकद लेने के साथ उनके मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी जमा करा लिए गए। बाद में पुलिस और सीबीआई सत्यापन तथा दस्तावेजों की जांच जैसी अलग-अलग प्रक्रियाओं के नाम पर कई किस्तों में धनराशि ली जाती रही। इस तरह कुल 6.30 लाख रुपये दिए जाने का आरोप है।पीड़ित का कहना है कि युवकों का भरोसा बनाए रखने के लिए कथित तौर पर कुछ लोगों को पुलिसकर्मी बताकर स्कॉर्पियो से उनके घर भेजा गया और सत्यापन की औपचारिकता कराई गई। भर्ती से संबंधित संदेश भी ऐसे ऑनलाइन माध्यमों से भेजे गए, जो देखने में सरकारी व्यवस्था जैसे प्रतीत होते थे।शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में अंतिम सत्यापन के नाम पर दो लाख रुपये और मांगे गए। इसी बीच एक अधिकारी के दुर्घटनाग्रस्त होने की तस्वीर भेजी गई। इंटरनेट पर तलाश करने पर वही तस्वीर पहले से मौजूद मिली, जिससे युवकों को संदेह हुआ और उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि रकम लौटाने से इनकार करते हुए उन्हें धमकी दी गई।मुनेश ने पुलिस को करीब 50 ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने का भी दावा किया है। इनमें अन्य युवाओं से भी रुपये लेने संबंधी बातचीत होने की बात कही गई है। पुरकाजी पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर डिजिटल साक्ष्यों, बैंक लेनदेन, संबंधित वेबसाइट और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Join WhatsApp Group