मुजफ्फरनगर। पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य कल्याण के उद्देश्य से सोमवार को जिला सैनिक कार्यालय स्थित सोल्जर बोर्ड में नेत्र चिकित्सा एवं रक्त वाहिका रोग जांच शिविर के साथ अंगदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर में 187 पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों ने स्वास्थ्य जांच कराई। चिकित्सकों ने उन्हें विभिन्न बीमारियों से बचाव और अंगदान के महत्व के बारे में भी जानकारी दी।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मेजर जनरल सुमित राणा, जीओसी हेडक्वार्टर पुपसा उपस्थित रहे। उनके साथ एमएच मेरठ के कमांडेंट और ब्रिगेडियर सीपी सिंह सहित सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, दृष्टि संबंधी समस्याओं और अन्य नेत्र रोगों की निशुल्क जांच की। आवश्यकता के अनुसार मरीजों को दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। रक्त वाहिका रोगों की जांच और जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया गया।वेस्कुलर सर्जन ब्रिगेडियर सीपी सिंह ने पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को रक्त वाहिकाओं से संबंधित बीमारियों के शुरुआती लक्षण, उनसे बचाव और समय पर उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय रहते बीमारी की पहचान होने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कार्यक्रम में अंगदान के प्रति जागरूकता के लिए विशेष सत्र भी आयोजित किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि अंगदान के माध्यम से एक व्यक्ति कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दे सकता है। आंख, गुर्दे, यकृत और हृदय सहित विभिन्न अंगों का दान गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है। इस दौरान इच्छुक पूर्व सैनिकों से अंगदान के संकल्प पत्र भी भरवाए गए।मेजर जनरल सुमित राणा ने कहा कि सैनिक देश की सुरक्षा में अपना जीवन समर्पित करते हैं और ऐसे स्वास्थ्य शिविर उनके तथा उनके परिवारों के स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अंगदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। अंत में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल चौहान (सेवानिवृत्त) ने चिकित्सकों, कर्मचारियों और सहयोगियों का आभार जताया।