शामली। सरकारी अभिलेखों में जीवित बुजुर्ग महिला को मृत दर्ज किए जाने के कारण बंद हुई वृद्धावस्था पेंशन आखिरकार जांच के बाद दोबारा बहाल कर दी गई। मामला जनपद के हसनपुर लुहारी गांव का है, जहां 70 वर्षीय बलवंती पत्नी गंगाराम को कई महीनों तक अपनी जीवित होने की पुष्टि कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े। जांच में रिकॉर्ड में हुई त्रुटि सामने आने पर समाज कल्याण विभाग ने उनकी पेंशन पुनः शुरू कर दी।जानकारी के अनुसार बलवंती लंबे समय से वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ ले रही थीं। कुछ समय पहले बिना किसी पूर्व सूचना के उनके खाते में पेंशन आनी बंद हो गई। कारण जानने पर उन्हें पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। इसके बाद उन्होंने संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराते हुए अपने जीवित होने के सभी आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत किए।शिकायत मिलने पर समाज कल्याण विभाग ने मामले की जांच कराई। जांच में स्पष्ट हुआ कि रिकॉर्ड में महिला को मृत दर्ज किया जाना विभागीय त्रुटि का परिणाम था। इसके बाद विभाग ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए उनकी पेंशन दोबारा स्वीकृत कर दी। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि अब उन्हें नियमानुसार नियमित रूप से पेंशन का भुगतान किया जाएगा।समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार आधार आधारित भुगतान व्यवस्था के माध्यम से पेंशन जारी की जाएगी। यदि आवश्यकता हुई तो भुगतान की प्रक्रिया सुचारु रखने के लिए डाकघर में नया खाता भी खुलवाया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या न आए।पेंशन बहाल होने से बलवंती को आर्थिक राहत जरूर मिली है, लेकिन उनका आवास अब भी चिंता का विषय बना हुआ है। उनका मकान जर्जर स्थिति में है और बरसात के दौरान छत से पानी टपकने के कारण परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मकान कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बलवंती को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए, जिससे उन्हें सुरक्षित आवास मिल सके। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी त्रुटियों से बचने के लिए अभिलेखों का सत्यापन भी कराया जाएगा।