शामली। जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने फर्जी कंपनी के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपित बीमा पॉलिसी, बैंक खाते और अन्य माध्यमों का सहारा लेकर लोगों से धोखाधड़ी करते थे। उनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 4,120 रुपये नकद, छह डेबिट कार्ड, चार सिम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि अब तक करीब 12.90 लाख रुपये की साइबर ठगी के दो मामलों का खुलासा हुआ है।पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 30 जुलाई को कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपित क्लिकेबल डिजिटल मार्केटिंग ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्जी कंपनी संचालित कर रहे थे। पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य उद्देश्य साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से निकालना और उसे आगे स्थानांतरित करना था।जांच में पता चला कि आरोपित पहले लोगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने पर कमीशन का लालच देते थे। इसके बाद साइबर ठगी से प्राप्त रकम इन खातों में मंगाई जाती थी और एटीएम, चेक तथा बैंक शाखाओं के माध्यम से नकदी निकाल ली जाती थी। इस तरीके से विभिन्न राज्यों में कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया।पुलिस के अनुसार पहले मामले में बीमा पॉलिसी के नाम पर एक महिला से 4.90 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी। दूसरे मामले में हरियाणा निवासी एक व्यक्ति से ट्रांसपोर्ट सेवा उपलब्ध कराने के नाम पर आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक सहित कई राज्यों से जुड़ी साइबर शिकायतों का भी इस गिरोह से संबंध सामने आया है।गिरफ्तार आरोपितों की पहचान तनुज उर्फ अशोक, रोहित कुमार, राजीव बंसल और शफीक के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपित शामली के निवासी हैं और इनके विरुद्ध विभिन्न थानों में पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और मामलों की जांच भी जारी है।