मुजफ्फरनगर। चरथावल मोड़ स्थित सिद्ध पीठ श्री शनिधाम मंदिर में पितृ विसर्जन अमावस्या पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर भगवान शनिदेव का पंचामृत से अभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए और विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।शनिचरी अमावस्या के अवसर पर सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। 21 यजमानों ने भगवान शनिदेव का देशी घी, बूरा, नीला, दही और शहद सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों से पंचामृत अभिषेक किया। इसके बाद आरती कर श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।शनिधाम प्रबंध समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शरद कपूर ने बताया कि पितृपक्ष की समाप्ति के अवसर पर शनिचरी अमावस्या पड़ने के कारण मंदिर में विशेष आयोजन किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पितरों की शांति के लिए पूजा-पाठ, तर्पण और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इसी उद्देश्य से मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भंडारे की व्यवस्था की गई।सिद्ध पीठ के पुजारी पंडित संजय मिश्रा ने श्रद्धालुओं को अमावस्या के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि पितृपक्ष में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनकी आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना करने की परंपरा रही है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शनिदेव के दर्शन कर परिवार की खुशहाली की कामना की।कार्यक्रम में पंडित संतोष मिश्रा और पंडित शिव मिश्रा सहित अन्य धर्माचार्यों ने पूजन कार्य संपन्न कराया। आयोजन की व्यवस्थाओं में ललित मोहन शर्मा, शरद कपूर, मुकेश चौहान, नरेंद्र पवार, सेवक सतीश और आशीष सहित समिति के सदस्यों ने सहयोग किया। चौधरी नरेश की ओर से आयोजित विशाल भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।