मुजफ्फरनगर। किसानों की समस्याओं को लेकर गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों ने गन्ने की पर्चियां कम मिलने, बिजली संबंधी शिकायतों और कोल्हुओं से फैल रहे प्रदूषण का मुद्दा उठाया। इसके अलावा पुल निर्माण, सड़क और नालों की सफाई जैसी समस्याओं के समाधान की मांग भी की गई।बैठक में अधिकारियों ने पिछले किसान दिवस में मिली शिकायतों पर हुई कार्रवाई की जानकारी दी। इसके बाद जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं और उनके समाधान के लिए लिखित प्रार्थना पत्र सौंपे।किसान भजनलाल ने अपनी माता प्रेमो के गन्ना खाते में जमीन कम दर्ज होने के कारण पर्चियां कम किए जाने की शिकायत की। उन्होंने रिकॉर्ड ठीक कराकर पहले की तरह पर्चियां और बांड जारी कराने की मांग की।किसान राजबीर सिंह ने बिजली के खंभों पर मोटी रबड़ चढ़ी केबल लगवाने की मांग उठाई। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआइआर को गलत बताते हुए उसे निरस्त कराने और मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।शुक्रताल क्षेत्र के किसानों ने मोरना विकासखंड में चल रहे कोल्हुओं में गन्ने की पत्ती और खोई के बजाय पन्नी व अन्य कचरा जलाए जाने की शिकायत की। किसानों का कहना था कि इससे आसपास के इलाके में प्रदूषण फैल रहा है और लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने इस पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभाग से कार्रवाई की मांग की।किसानों ने सदर क्षेत्र में श्मशान घाट के पास मंदिर के बराबर वाले रास्ते पर पुल बनवाने की मांग की। इसके साथ ही सड़कों और नालों की सफाई नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। किसानों ने कहा कि इन समस्याओं का समाधान होने से स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी।अपर जिलाधिकारी गंभीर सिंह ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट जनशिकायत मोबाइल एप पर अपलोड करने और उसकी हार्ड कॉपी उप कृषि निदेशक कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी किसान दिवस में सभी संबंधित अधिकारियों को समय से उपस्थित रहने को कहा।बैठक में उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही, नई मंडी क्षेत्राधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और किसान मौजूद रहे।