लखनऊ। राजधानी लखनऊ से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक पिता पर अपनी ही बेटी की हत्या कराने का आरोप सिद्ध हुआ है। पुलिस के मुताबिक, आरोपित ने अपने एक साथी के साथ मिलकर बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी और बाद में शव की पहचान मिटाने के लिए उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने पिता और उसके साथी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, चिनहट थाना क्षेत्र के इमलीबाथम निवासी विजय कुमार चौबे ने 16 अप्रैल को अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत आईजीआरएस पर दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अगले दिन मामले की जांच शुरू की और परिवार के लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बाराबंकी जिले में एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ है, जिसके चेहरे को तेजाब से झुलसाया गया था, ताकि उसकी पहचान न हो सके।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले, जिनसे मामला संदिग्ध होता चला गया। इसके बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता विजय कुमार चौबे से गहन पूछताछ की। साक्ष्यों के आधार पर की गई सख्ती में वह टूट गया और उसने स्वीकार कर लिया कि बाराबंकी में मिला शव उसकी ही बेटी का था।
पूछताछ में सामने आया कि विजय कुमार चौबे अपनी बेटी की गतिविधियों से नाराज और परेशान था। इसी के चलते उसने उसकी हत्या की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन उसने बेटी को झाड़-फूंक के बहाने घर से कार में बैठाया और यह कहकर निकला कि उसे राजस्थान ले जाया जा रहा है। रास्ते में उसने अपने साथी मन्नान को भी कार में बैठा लिया। इसके बाद दोनों बाराबंकी पहुंचे और सुनसान स्थान देखकर वारदात को अंजाम दे दिया।
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपितों ने पहले युवती का गला दबाया और फिर गमछे से गला कसकर उसकी हत्या सुनिश्चित की। जब उन्हें यकीन हो गया कि युवती की मौत हो चुकी है, तब शव की पहचान मिटाने की नीयत से उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया गया। इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए।
वारदात को छिपाने के लिए आरोपित पिता ने खुद ही बेटी के गायब होने की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, ताकि पुलिस का शक उससे हट जाए। लेकिन जांच के दौरान जुटाए गए जमीनी इनपुट, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और पूछताछ में सामने आए विरोधाभासों ने पूरे मामले की परतें खोल दीं।
