मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और जनपद में उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के माध्यम से संचालित इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। योजना का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और जिले में नई सूक्ष्म इकाइयों की स्थापना को गति देना है। सरकार ने इस योजना को मिशन मोड में लागू करते हुए आगामी दस वर्षों में प्रदेश में 10 लाख नई सूक्ष्म इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना जताई जा रही है।

योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए आवेदक का जनपद का निवासी होना अनिवार्य है तथा उसकी आयु 21 से 40 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा 8 उत्तीर्ण रखी गई है, जबकि इंटरमीडिएट या समकक्ष योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुसूचित जाति, जनजाति एवं महिला अभ्यर्थियों को भी विशेष वरीयता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से निःशुल्क ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, साथ ही मोबाइल एप के जरिए भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। आवेदन के समय अभ्यर्थियों को अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, स्कैन हस्ताक्षर, निवास प्रमाण पत्र, नोटरीकृत हलफनामा तथा प्रस्तावित परियोजना की रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
योजना के तहत उद्योग एवं सेवा क्षेत्र की अधिकतम पांच लाख रुपये तक की परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। लाभार्थियों को परियोजना लागत का निर्धारित अंशदान स्वयं करना होगा, जिसमें सामान्य वर्ग के लिए 15 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 12.5 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, जनजाति एवं दिव्यांग श्रेणी के लिए 10 प्रतिशत अंशदान तय किया गया है। इसके अलावा पात्र अभ्यर्थियों को परियोजना लागत अथवा अधिकतम पांच लाख रुपये तक की राशि पर 10 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी जाएगी, जो बैंक के माध्यम से वितरित की जाएगी। योजना के अंतर्गत सभी राष्ट्रीयकृत एवं ग्रामीण बैंक ऋण वितरण के लिए अधिकृत किए गए हैं।
हालांकि योजना में कुछ गतिविधियों को शामिल नहीं किया गया है, जिनमें तंबाकू उत्पाद, गुटखा, पान मसाला, शराब, कार्बोनेटेड पेय पदार्थ, पटाखे तथा 40 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग से संबंधित व्यवसाय शामिल हैं। जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के अधिकारियों के अनुसार इच्छुक अभ्यर्थी अधिक जानकारी के लिए कार्यालय में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। इस योजना के लागू होने से जिले के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार स्थापित करने का अवसर मिलेगा और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
