मुजफ्फरनगर, 05 मई 2026। विश्व हाथ स्वच्छता दिवस के अवसर पर जिलेभर में स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अभियान में पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया और केनव्यू के सहयोग से ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के तहत स्कूलों और स्वास्थ्य इकाइयों में बच्चों व आमजन को हाथों की स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।शहरी स्वास्थ्य केंद्र गौशाला और पटेल कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय, रामलीला टीला रोड पर आयोजित कार्यक्रमों में बच्चों को हाथ धोने की सही विधि का प्रदर्शन कर व्यावहारिक जानकारी दी गई। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा ने बताया कि केवल हाथ धोना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि सही तकनीक से हाथों की सफाई करना संक्रामक रोगों से बचाव के लिए बेहद जरूरी है।कार्यक्रम में पीएसआई इंडिया की प्रतिनिधि भारती रावत ने बच्चों को “S U M A N K” (सुमन-के) के छह चरणों के माध्यम से हाथ धोने की वैज्ञानिक विधि समझाई, जिसमें हथेलियों, हाथों के उल्टे हिस्से, मुट्ठी, अंगूठे, नाखून और कलाइयों की सफाई शामिल है। बच्चों से इन चरणों का अभ्यास भी कराया गया।जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अल्का ने कहा कि नियमित और सही तरीके से हाथ धोने की आदत बचपन से ही विकसित की जानी चाहिए, जिससे डायरिया समेत कई संक्रामक बीमारियों से बचाव संभव है। उन्होंने बताया कि खाना बनाने या खाने से पहले, शौचालय उपयोग के बाद, खांसने-छींकने के बाद तथा गंदगी या जानवरों के संपर्क में आने के बाद कम से कम 20 सेकंड तक हाथों को साबुन-पानी से धोना आवश्यक है।कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने स्वच्छता अपनाने की शपथ ली। इस मौके पर डॉ. जरीन मतीन, विद्यालय की प्राचार्य आयशा, शोभित सक्सैना सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।