मेरठ। इंचौली थाना क्षेत्र के खरदौनी गांव में पुलिस ने अवैध हथियारों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए एक गुप्त तमंचा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। हैरत की बात यह रही कि यह फैक्ट्री किसी सुनसान जगह नहीं, बल्कि एक मकान के भीतर बेहद शातिर तरीके से छिपाकर संचालित की जा रही थी। घर में रखी अलमारी के नीचे तहखाने का गुप्त रास्ता बनाया गया था, जहां अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक बीसीए का छात्र भी शामिल है।पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी इमरान इस पूरे नेटवर्क का सरगना है। वह पहले भी अवैध शस्त्र निर्माण के मामले में जेल जा चुका है, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से अपना गिरोह सक्रिय कर लिया। उसके साथ पकड़े गए उमंग ठाकुर, कुलदीप और नरेंद्र अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। 19 वर्षीय उमंग बीसीए का छात्र बताया जा रहा है और वह हथियारों की डिमांड व सप्लाई का काम संभाल रहा था।सूत्रों के अनुसार गिरोह सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था। ऑर्डर मिलने के बाद हथियार तैयार कर गुप्त रूप से सप्लाई किए जाते थे। ग्रामीण इलाके में फैक्ट्री होने और तहखाने का रास्ता पूरी तरह छिपा होने के कारण आसपास के लोगों को भी इस कारोबार की भनक नहीं लग पाई।मंगलवार देर रात पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मकान पर छापा मारा। शुरुआती जांच में सब सामान्य दिखाई दिया, लेकिन जब पुलिस ने घर के भीतर रखी अलमारी हटाई तो नीचे तहखाने का रास्ता मिला। तहखाने में पहुंचते ही पुलिस टीम के होश उड़ गए, जहां हथियार बनाने की पूरी व्यवस्था मौजूद थी।छापेमारी के दौरान पुलिस ने पांच तैयार तमंचे, कई अधबने हथियार, नाल, स्प्रिंग, ड्रिल मशीन, ग्राइंडर, वेल्डिंग मशीन, खराद मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए। इसके अलावा भारी मात्रा में कच्चा माल भी कब्जे में लिया गया है।एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि गिरोह काफी समय से सक्रिय था और आसपास के कई जिलों तक हथियारों की सप्लाई की जा रही थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने हथियार तैयार कर किन-किन इलाकों में पहुंचाए गए। पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।