गोंडा। धार्मिक अनुष्ठान और तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर लाखों रुपये और कीमती जेवर ठगने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का गोंडा पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, लग्जरी कार और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए हैं। गिरोह लोगों को डर और अंधविश्वास के जाल में फंसाकर वारदात को अंजाम देता था।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ददुवा बाजार निवासी संजय कुमार रस्तोगी कुछ दिन पहले एक विज्ञापन के संपर्क में आए थे, जिसमें हर समस्या का समाधान, विशेष पूजा और तांत्रिक अनुष्ठान कराने का दावा किया गया था। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद पीड़ित को आरोपियों ने अपने प्रभाव में ले लिया। इसके बाद उसे बताया गया कि उसके परिवार पर विशेष दोष है, जिसे दूर करने के लिए लंबा अनुष्ठान करना जरूरी है।आरोपियों ने करीब 42 दिनों तक पूजा-पाठ और साधना का नाटक किया। बाद में पीड़ित के घर पर विशेष अनुष्ठान रखा गया। इस दौरान परिवार से सोने-चांदी के जेवर एक स्टील के पात्र में रखवाए गए। पुलिस के अनुसार अनुष्ठान के बीच आरोपियों ने अचानक कमरे में ‘काला सांप’ होने की बात कहकर माहौल में दहशत फैला दी। परिवार के लोग भयभीत होकर कमरे से बाहर निकल गए। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर आरोपी जेवर लेकर फरार हो गए। आरोप है कि गिरोह ने पूजा और अनुष्ठान के नाम पर अलग से दो लाख रुपये भी ऐंठ लिए।काफी समय तक संपर्क न होने और मोबाइल फोन बंद मिलने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। जब कमरे की जांच की गई तो कीमती सामान गायब मिला। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने टीम गठित कर जांच शुरू की और लखनऊ-गोंडा मार्ग पर दबिश देकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपियों में बुलंदशहर निवासी नमशेर तथा मेरठ निवासी हसरत अली, इमरान, इन्साद और तोहिद शामिल हैं। पूछताछ में पता चला कि गिरोह कई जिलों में इसी तरह लोगों को अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर निशाना बना चुका है।अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से करीब दो लाख रुपये नकद, भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, एक हुंडई कार और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य साथियों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से लोगों की मानसिक स्थिति और धार्मिक आस्था का फायदा उठाते थे। फिलहाल सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।