मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं को राहत देते हुए राशन वितरण पर मिलने वाले लाभांश को 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल करने की घोषणा की। इसके साथ ही उचित दर विक्रेताओं के लिए ई-पॉस आधारित प्रतिक्रिया व्यवस्था की शुरुआत की गई। सरकार के इस निर्णय को राशन विक्रेताओं की लंबे समय से चली आ रही मांग से जोड़कर देखा जा रहा है।जिला पंचायत सभागार में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। इस दौरान प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल, लोकदल जिलाध्यक्ष संजय राठी, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर और जिला पूर्ति अधिकारी ओम हरि उपाध्याय सहित खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में उचित दर विक्रेता मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री की ओर से की गई लाभांश वृद्धि का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि लाभांश बढ़ाए जाने से उचित दर विक्रेताओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उनकी पुरानी मांग को स्वीकार किया गया है।उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उनके अनुसार ई-पॉस आधारित प्रतिक्रिया व्यवस्था लागू होने से राशन वितरण से संबंधित व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी। प्रदेश में पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।कपिल देव अग्रवाल ने उचित दर की दुकानों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय और हस्तनिर्मित उत्पादों को बिक्री का बाजार मिलने से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे स्थानीय उत्पादों को भी बाजार उपलब्ध होगा।लोकदल जिलाध्यक्ष संजय राठी ने लाभांश बढ़ाए जाने पर उचित दर विक्रेताओं को बधाई दी। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने राशन विक्रेताओं से पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ वितरण कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बढ़ाई गई धनराशि का लाभ मिलने के साथ विक्रेता अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन भी पूरी निष्ठा से करें।कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। लाभांश में वृद्धि के साथ उचित दर विक्रेताओं के लिए शुरू की गई प्रतिक्रिया व्यवस्था को व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।