नई दिल्ली। भारतीय नौसेना को जल्द नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को देश का अगला नौसेना प्रमुख नियुक्त करने की घोषणा की है। वह वर्तमान नौसेना प्रमुख दिनेश कुमार त्रिपाठी का स्थान लेंगे, जो 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। लंबे सैन्य अनुभव और रणनीतिक क्षमता के कारण कृष्णा स्वामीनाथन को नौसेना के अनुभवी अधिकारियों में गिना जाता है।वर्तमान में वह पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर तैनात हैं। नौसेना में अपने करीब चार दशक के करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। रक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि उनके नेतृत्व में भारतीय नौसेना को नई दिशा और मजबूती मिलेगी।वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने एक जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त किया था। शुरुआती दौर में उन्होंने मुंबई में तैनाती के दौरान माइनस्वीपर युद्धपोत आईएनएस एलेप्पी पर सेवाएं दीं और संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली में विशेषज्ञता हासिल की। बाद में उन्होंने कई युद्धपोतों की कमान संभालते हुए नौसेना के विभिन्न महत्वपूर्ण अभियानों में अहम भूमिका निभाई।अपने करियर में वह नौसेना के उप प्रमुख, चीफ ऑफ पर्सनल, कंट्रोलर ऑफ पर्सनल सर्विसेज, पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ ऑफ स्टाफ और फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग वेस्टर्न फ्लीट जैसे अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वह विमानवाहक पोत INS Vikramaditya के दूसरे कमांडिंग ऑफिसर भी रहे हैं।कृष्णा स्वामीनाथन ने ब्रिटेन और अमेरिका के प्रतिष्ठित सैन्य संस्थानों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। उन्हें यूनाइटेड किंगडम के संयुक्त सेवा कमान एवं स्टाफ कॉलेज और अमेरिका के न्यूपोर्ट नेवल वॉर कॉलेज में उन्नत सैन्य पाठ्यक्रमों के लिए चुना गया था। उन्होंने वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में प्रशिक्षक के रूप में भी सेवाएं दीं।नौसेना प्रमुख के नौसेना सहायक के रूप में कार्य करने के बाद उन्होंने मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत आईएनएस मैसूर की कमान संभाली। उनके नेतृत्व में भारतीय नौसेना ने कई महत्वपूर्ण समुद्री अभ्यासों और अंतरराष्ट्रीय अभियानों में भाग लिया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक सुरक्षा हालात के बीच उनका अनुभव भारतीय नौसेना को नई रणनीतिक मजबूती देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।