नई दिल्ली। देश की बहुचर्चित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में जांच अब और तेज हो गई है। राजधानी स्थित राऊज एवेन्यू अदालत ने मामले में गिरफ्तार महिला आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को 14 दिन की जांच एजेंसी हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार और अनुवाद प्रक्रिया से जुड़ी हुई थी तथा लीक गिरोह के संपर्क में रहकर गोपनीय जानकारी आगे पहुंचाने में उसकी भूमिका सामने आई है।अदालत में हुई सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने दावा किया कि आरोपी जीव विज्ञान विषय के अंतर्गत वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान खंड से संबंधित प्रश्नपत्रों के अनुवाद कार्य में विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत थी। एजेंसी के अनुसार मामले में पहले से गिरफ्तार अन्य आरोपियों के साथ उसके संबंधों के प्रमाण मिले हैं और पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना है।जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि पूरे मामले की जांच देश के विभिन्न राज्यों में फैले नेटवर्क को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। ऐसे में आरोपी को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर पूछताछ करना आवश्यक है, ताकि प्रश्नपत्र लीक से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। एजेंसी का यह भी कहना है कि मामले में कई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और दस्तावेज सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है।दूसरी ओर बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए अदालत में कहा कि महिला आरोपी को निर्धारित नियमों का पालन किए बिना देर शाम हिरासत में लिया गया और रात में ही दिल्ली लाया गया। अदालत ने इस संबंध में बचाव पक्ष को अलग से प्रार्थना पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए। साथ ही अदालत ने आरोपी के अधिवक्ता को प्रतिदिन निर्धारित समय के लिए मुलाकात की अनुमति प्रदान की।सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी ने पिछले चौबीस घंटों में कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, संगणक और बैंक खातों से जुड़े अभिलेख जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा का गोपनीय प्रश्नपत्र किन माध्यमों से बाहर पहुंचा और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय रूप से शामिल थे।