मेरठ। पेट्रोलियम पदार्थों और घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महंगाई पर नियंत्रण की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने की मांग की गई।प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव भाटी ने किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई ने आम आदमी का जीवन कठिन बना दिया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी का असर सीधे परिवहन व्यवस्था और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर पड़ रहा है, जिससे बाजार में हर सामान महंगा होता जा रहा है।कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि घरेलू गैस सिलेंडर और छोटे पांच किलो वाले सिलेंडर के दाम बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। उन्होंने कहा कि पहले ही बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से जूझ रहे लोग अब महंगाई की मार से परेशान हैं। डीजल की कीमतों में वृद्धि के कारण खेती की लागत भी बढ़ गई है, जिससे किसान वर्ग को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।जिला प्रवक्ता सय्यद आमिर रज़ा ने कहा कि सरकार को पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में तत्काल राहत देनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के दाम कम किए जाएं और गरीब परिवारों को पर्याप्त सब्सिडी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाकर पूरे देश में एक समान दरें लागू करने की भी मांग उठाई गई।प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर मजदूरों, कर्मचारियों, छात्रों और किसानों पर पड़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लगातार महंगा होने से परिवारों का बजट बिगड़ चुका है और लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो पार्टी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी और सड़क से लेकर सदन तक विरोध दर्ज कराया जाएगा।इस अवसर पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने बढ़ती महंगाई को आम जनता के लिए गंभीर संकट बताते हुए सरकार से तत्काल राहत देने की मांग की।