मुजफ्फरनगर। जनपद के बुढ़ाना थाना क्षेत्र में मंगलवार तड़के पुलिस और एक शातिर बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में 15 हजार रुपये का इनामी अपराधी इरफान घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई के दौरान पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के कब्जे से लाखों रुपये कीमत के मोबाइल टावर उपकरण, अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं।पुलिस के अनुसार बुढ़ाना क्षेत्र में पिछले काफी समय से मोबाइल टावरों से बैटरियां और अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। इन घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस लगातार सक्रिय थी। मंगलवार सुबह पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि टावर चोरी करने वाले गिरोह का मुख्य सदस्य क्षेत्र के जंगलों में छिपा हुआ है और किसी बड़ी वारदात की फिराक में है। सूचना मिलते ही थाना बुढ़ाना पुलिस और चौकी टीमों ने गढ़ी शेखावत तथा बाईवाला क्षेत्र के जंगलों में घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया।पुलिस टीम को अपनी ओर बढ़ता देख बदमाश ने खुद को बचाने के लिए फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश इरफान के पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान इरफान पुत्र निवासी लिसाड़ी गेट, मेरठ के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से वांछित चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इरफान पर मुजफ्फरनगर, मेरठ और आसपास के जनपदों में चोरी समेत कई संगीन मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी एक अंतरजनपदीय गिरोह से जुड़ा हुआ है, जो रात के समय सुनसान इलाकों में लगे मोबाइल टावरों को निशाना बनाकर वहां से महंगी बैटरियां और उपकरण चोरी करता था। चोरी किए गए सामान को बाद में कबाड़ियों और अन्य खरीददारों के माध्यम से बेचा जाता था।पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक .315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस और मोबाइल टावरों से चोरी किए गए उपकरण बरामद किए हैं। बरामद सामान की कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है।घायल आरोपी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुढ़ाना में भर्ती कराया गया है, जहां पुलिस सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी का सामान खरीदने वाले लोगों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।