लखनऊ/गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने आम जनजीवन पर असर डालना शुरू कर दिया है। पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के अनेक जिलों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जबकि कई स्थानों पर ईंधन समाप्त होने के कारण पंप बंद करने पड़े हैं। लगातार बढ़ती भीड़ और सीमित आपूर्ति के चलते लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।गोरखपुर, महराजगंज, बहराइच, बस्ती, मऊ, देवरिया, श्रावस्ती और संत कबीरनगर समेत कई जिलों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। महराजगंज में स्थिति सबसे अधिक गंभीर दिखाई दी, जहां कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो जाने के बाद लोगों की भीड़ एक-दो संचालित पंपों पर उमड़ पड़ी। कई लोग रात से ही पेट्रोल पंपों के बाहर डेरा जमाए बैठे रहे ताकि सुबह ईंधन मिल सके।बस्ती जिले में हालात को संभालने के लिए प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों ने ईंधन वितरण की सीमा तय कर दी है। दोपहिया वाहनों को सीमित मात्रा में पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि चार पहिया वाहनों के लिए भी अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक उपलब्ध ईंधन पहुंचाना बताया जा रहा है।मऊ और संत कबीरनगर में अव्यवस्था की आशंका को देखते हुए कई पेट्रोल पंपों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की मौजूदगी में ईंधन वितरण कराया जा रहा है, जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी प्रकार की अफरा-तफरी की स्थिति न बने।इधर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल में हुई बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में पेट्रोल और डीजल के दामों में फिर इजाफा हुआ है। लगातार बढ़ती कीमतों और आपूर्ति संकट के कारण लोगों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता जा रहा है।तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य स्तरीय समन्वयक (तेल उद्योग) के कार्यकारी निदेशक संजय भंडारी ने बताया कि विभिन्न जिलों में ईंधन की आपूर्ति बहाल करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।

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