लेह। लद्दाख के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र तांगस्ते में सेना का एक चीता हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के समय हेलीकॉप्टर में सेना के तीन वरिष्ठ अधिकारी सवार थे। दुर्घटना के बाद तुरंत राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें सभी अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि तीनों को मामूली चोटें आई हैं।सेना सूत्रों के अनुसार हेलीकॉप्टर नियमित सैन्य गतिविधि के तहत उड़ान पर था। इसी दौरान अचानक तकनीकी गड़बड़ी आने के बाद हेलीकॉप्टर ने नियंत्रण खो दिया और पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर में एक लेफ्टिनेंट कर्नल, एक मेजर तथा तीसरी इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल सचिन मेहता सवार थे।घटना की सूचना मिलते ही सेना की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। सैन्य अधिकारियों ने इसे बड़ी दुर्घटना टलना बताया है। हादसे के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और तकनीकी जांच बढ़ा दी गई है।दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए सेना ने विस्तृत जांच बैठा दी है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी को वजह माना जा रहा है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।इस घटना के बाद सेना में लंबे समय से उपयोग किए जा रहे चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल उठने लगे हैं। रक्षा सूत्रों का कहना है कि पुराने हेलीकॉप्टरों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की तैयारी चल रही है और उनकी जगह आधुनिक हल्के उपयोगिता हेलीकॉप्टर शामिल किए जाएंगे। फिलहाल चीता और चेतक हेलीकॉप्टर सियाचिन समेत ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में सेना के लिए अहम भूमिका निभा रहे हैं।