रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। फर्जी दस्तावेज और पैन कार्ड प्रकरण में रामपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने दोनों की सजा बढ़ाते हुए 10-10 वर्ष कारावास का आदेश दिया है। अदालत ने पूर्व में सुनाई गई सात साल की सजा में तीन वर्ष की अतिरिक्त बढ़ोतरी करते हुए यह फैसला सुनाया। साथ ही दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।यह मामला वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि स्वार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाने के लिए अब्दुल्ला आजम की उम्र संबंधी दस्तावेजों में कथित हेरफेर किया गया था। जांच में जन्मतिथि से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों में अंतर सामने आने के बाद मामला अदालत तक पहुंचा।सरकारी पक्ष ने अदालत में दलील दी कि यह सिर्फ दस्तावेजी त्रुटि का मामला नहीं, बल्कि सरकारी अभिलेखों और पहचान संबंधी दस्तावेजों के दुरुपयोग से जुड़ा गंभीर अपराध है। अभियोजन ने सजा बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कठोर दंड जरूरी है, ताकि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहे।जांच एजेंसियों के अनुसार कथित तौर पर बदले गए जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर पैन कार्ड और अन्य आधिकारिक दस्तावेज तैयार किए गए थे। मामला सामने आने के बाद विरोधी पक्ष द्वारा चुनाव आयोग और न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी। बाद में अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ और प्रकरण की सुनवाई विशेष अदालत में चली।अदालत के ताजा फैसले के बाद आजम खान और उनके बेटे की कानूनी परेशानियां और बढ़ गई हैं। दोनों फिलहाल जेल में बंद हैं। फैसले के बाद प्रदेश की राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Join WhatsApp Group